संगम यूनिवर्सिटी मे वन्यजीव संरक्षण पर जागरूकता कार्यशाला - Sangam University

संगम यूनिवर्सिटी मे वन्यजीव संरक्षण पर जागरूकता कार्यशाला

संगम यूनिवर्सिटी मे वन्यजीव संरक्षण पर जागरूकता कार्यशाला

भीलवाडा । स ंगम य ूनिवर्सि टी भीलवाडा क े स्क ुल आॅफ ब ेसिक एण्ड एप्र्लाइ  र्साइ न्स क े बायोलाॅजी विभाग क े   तत्वाधान मे डाॅ स ुधा महावर क े न ेत ृत्व मे वन्य जीव सप्ताह का अयोजन किया जा रहा हैं, इसी क्रम म े स ंस्थान   परिसर म े वन्य जीव स ंरक्षण ए ंव जागरुकता पर स ंगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य  अतिथि प ुलिस अधीक्षक भीलवाड ़ा, हरेन्द ्र क ुमार महावर, जिला वन विभाग अधिकारी देव ेन्द ्र प्रताप जगावत व   स ेवानिवृत्त वनविभाग अधिकारी डाॅ. रामलाल विश्नौयी, स ंगम य ूनिवर्सि टी के र्वाइ स चान्सलर प्रोफेसर डाॅ. क ेपी. यादव, व रजिस्ट्रार डॉ ओ.पी. गुप्ता न े पौधारोपण कर किया।   कार्यक्रम म े एम.एस.सी. क े अरमान शेख और साक्षी पारीक द्वारा वन्यजीव संरक्षण क े महत्व का स ंक्षिप्त विवरण  प ्रस्त ुत किया गया। प ्राणीशास्त्र व्याख्याता डॉ. गुनमाला गुगालिया न े वनों की कटाई का पर्यवरण पर प्रभाव पर  भाषण दिया। छात्रा मोनिका व्यास न े वन्य जीवन स ंरक्षण व जागरूकता पर रोचक जानकारी दी। बी.एस.सीप ्रथम वर्ष क े छात्र अरमान शेख न े वन्यजीव स ंरक्षण अधिनियम पर विस्तार स े चर्चा करी। मुख्य अतिथि हर ेन्द्र  क ुमार महावर न े वन्यजीवों की स ुरक्षा ह ेत ु उठाय े जान े वाले प ्रशासनिक कदम की जानकारी दी, वन अधिकारी  द ेव ेन्द ्र प ्रताप जगावत द्वारा सरिस्का अभ्यारण्य प ्रोज ेक्ट टाइगर व वन्य प ्राणीयों की स ुरक्षा क े बार े बताया साथ  ही वन्य जीवों क े लिए स ंरक्षित क्षैत्र व उसक े आसपास निवासरत लोगो क े बीच सामन्जस्य पर वन विभाग की
rnभ ूमिका पर प ्रकाश डाला। य ूनिवर्सि टी के र्वाइ स चान्सलर प्रोफेसर डाॅ. क े. पी. यादव ने र्वाइ ल्ड र्लाइ फ प ्रोट ेक्शन  एक्ट 1972 के बार े म े बताया तथा विलुप्त हो रही प ्रजातियों क े स ंरक्षण ह ेत ु सभी को मिलकर कार्य करन े ह ेत ु   प ्रोत्साहित किया। उन्होन े बताया कि जनसंख्या व ृद्धि, डिफोर ेस्ट ेशन, कृषि क्षैत्र म े व ृद्धि, प्रदुषण और मन ुष्य का स्वार्थी स्वभाव मुख्य रुप स े बायोडार्व सीटी एंव इकोसिस्टम को प ्रभावित करते है ं।  जल स ंरक्षण विषय पर नाटक का म ंचन रवीना एंड ग्र ुप द्वारा किया तथा एनिमल र्राइ ट ्स पर अरमान और समूह  द्वारा नाटक क े माध्यम स े आर्क षक प ्रस्तुति दी र्गइ । छात्रा सोनाली स्वर्णकार द्वारा प्लास्टिक प्रद ूषण का प्रभाव  विषय पर तथा साक्षी द्वारा वन्यजीव संरक्षण म ें भारत की उपलब्धियों पर लेख क े माध्यम स े अपनी बात रखी।
rnकार्यक्रम म ें डाॅ. गुणमाला, किशोर सि ंह चैहान एवं कविता व ैष्णव का अहम योगदान रहा। इस अवसर पर  पोस्टर और मॉडल प्रदर्शनी का आयोजन किया गया जिसम े प ्रतिभागीयो का प्रमाणपत्र वितरीत किये गय ें। डाॅप ्रीती मेहता न े धन्यवाद ज्ञापित किया।  भारत म े:  500 प ्रजातिया 500 प ्रजातिया प ्रजातिया े क े वन्य जीवों वन्य जीवों वन्य जीवों वन्य जीवों 2100 प ्रकार क े पक्षी 2100 प ्रकार क े पक्षी 2100 प ्रकार क े पक्षी  20000 प ्रकार क े र ेप्र्टाइ ल व जलीय जीव 20000 प ्रकार क े र ेप्र्टाइ ल व जलीय जीव 165 गेम स ेन्च ूरी 

rn

Admission Enquiry
close slider