भीलवाड़ा। संगम विश्वविद्यालय, भीलवाड़ा ने अपने 12वें दीक्षांत समारोह तक प्रदान की गई सभी डिग्रियों एवं डिप्लोमा प्रमाणपत्रों को डिजिलॉकर पोर्टल पर अपलोड कर दिया है। इससे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक दस्तावेजों के सुरक्षित डिजिटल भंडारण एवं आसान उपलब्धता का लाभ मिलेगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) करुणेश सक्सेना ने बताया कि अब छात्र अपने प्रमाणपत्रों को डिजिलॉकर के माध्यम से कभी भी और कहीं से भी ऑनलाइन एक्सेस कर सकते हैं। इससे विशेष रूप से रोजगार, कैंपस प्लेसमेंट तथा विभिन्न सरकारी प्रक्रियाओं में दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल, तेज एवं पारदर्शी हो जाएगी।
डिजिलॉकर के नोडल अधिकारी डॉ. दीपक काबरा ने बताया कि डिजिलॉकर पर उपलब्ध सभी प्रमाणपत्र पूर्णतः प्रमाणिक एवं सुरक्षित हैं। डिजिलॉकर की व्यवस्था को विभिन्न कंपनियों, सरकारी विभागों तथा अन्य संस्थानों द्वारा मान्यता प्राप्त है। इससे विद्यार्थियों को बार-बार दस्तावेजों की हार्ड कॉपी जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी।उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की गई सभी यूजी, पीजी, पीएच.डी., डिप्लोमा एवं अन्य प्रमाणपत्र डिजिलॉकर पर उपलब्ध हैं। संगम विश्वविद्यालय की यह पहल डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर राकेश भंडारी ने बताया कि संस्थान द्वारा सभी परीक्षाओं के परिणाम निर्धारित समय सीमा में घोषित किए जा रहे हैं। वर्तमान तक आयोजित सभी परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं तथा उनकी अंकतालिकाएं भी डिजिलॉकर पर अपलोड कर दी गई हैं।
कुलसचिव डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि डिजिलॉकर भारत सरकार का एक सुरक्षित डिजिटल लॉकर प्लेटफॉर्म है। इसमें उपलब्ध दस्तावेजों के खोने, खराब होने अथवा क्षतिग्रस्त होने की कोई संभावना नहीं रहती। डिजिलॉकर पर उपलब्ध अंकतालिकाएं एवं प्रमाणपत्र सभी स्थानों पर मान्य एवं स्वीकार्य हैं।
आज तक विश्वविद्यालय की 4803 डिग्रियां, 1107 सर्टिफिकेट एवं 32,138 अंकतालिकाएं डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राजकुमार जैन ने बताया कि डिजिलॉकर पर सभी शैक्षणिक अभिलेख उपलब्ध कराना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे विद्यार्थियों को अपने दस्तावेजों तक त्वरित, सुरक्षित एवं सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी।
